अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 47

क्रिस्तोफर, रोनॉल्ड, पॉल और स्टीव्हन एक पुराने मकानमें, एक टेबल के इर्दगिर्द बैठे हूए थे. उनके हाथमें आधे पिये हूए व्हिस्कीके जाम थे. चारोभी अपने अपने विचारोंमे खोए हूए व्हिस्की पी रहे थे. उनमें एक तणावपुर्ण सन्नाटा छाया…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 33

बंदीगृहमें चारो ओर अंधेरा फैला हूवा था. जॉर्ज एक कोठडीमे गुमसुमसा किसी सोचमें डूबा हूवा एक कोनेमें बैठा हूवा था. अचानक वह उठ खडा हूवा और अपने पहने हूए कपडे पागलोंकी तरह फाडने लगा. कपडे फाडनेके बाद उसने…

सिंहासन बत्तीसी – बाइसवीं पुतली (अनुरोधवती)

अनुरोधवती नामक बाइसवीं पुतली ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य अद्भुत गुणग्राही थे। वे सच्चे कलाकारों का बहुत अधिक सम्मान करते थे तथा स्पष्टवादिता पसंद करते थे। उनके दरबार में योग्यता का सम्मान किया…

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