Adbhut (Hindi Novel), अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 4

पॉल रॉबर्टस, काला रंग, उम्र पच्चीसके आसपास , लंबाई पौने छे फुट, घुंगराले बाल, अपने बेडरुममें सोया था. उसकी बेडरुम मतलब एक कबाडखाना था जिसमें इधर उधर फैला हूवा सामान, न्यूज पेपर्स, मॅगेझीन्स, व्हिस्कीकी खाली बोतले वह भी…

Adbhut (Hindi Novel), अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 3

डिटेक्टीव्ह सॅम अपने पुलिस स्टेशनमें अपने ऑफीसमें बैठा था. उतनेमें एक ऑफीसर वहा आ गया. उसने पोस्टमार्टमके कागजात सॅमके हाथमें थमा दीये. जब सॅम वह कागजात उलट पुलटकर देख रहा था वह ऑफिसर उसके बगलमें बैठकर सॅमको इन्वेस्टीगेशनके…

Adbhut (Hindi Novel), अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 2

सुबह सुबह रास्तेपर लोगोंकी अपने अपने कामपर जानेकी जल्दी चल रही थी. इसलिए रास्तेपर काफी चहलपहल थी. ऐसेमें अचानक एक पुलिसकी गाडी उस भिडसे दौडने लगी. आसपासका माहौल पुलिसके गाडीके सायरनकी वजहसे गंभीर हो गया. रास्तेपर चलरहे लोक…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 14

क्लासमें एक लेडी टीचर पढा रही थी. क्लासमें कॉलेजके छात्र ध्यान देकर उन्हे सुन रहे थे. उन्ही छात्रोमें जॉन और नॅन्सी बैठे हूए थे. ” सो द मॉरल ऑफ द स्टोरी इज… कुछभी फैसला न लेते हूए बिचमेंही…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 13

धीरे धीरे जॉन और नॅन्सी एकदूसरेके नजदीक खिंचते चले गए. उनके दिलमें कब प्रेमका बिज पनपना शुरु होगया उन्हे पता ही नही चला. झगडेसेभी प्रेमकी भावना पनप सकती है यह वे खुद अनुभव कर रहे थे. कॉलेजमे कोई…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 12

शामका समय था. अपनी शॉपींगसे लदी हूई बॅग संभालती हूई नॅन्सी फुटपाथसे जा रही थी. वैसे अब खरीदनेका कुछ खास नही बचा था. सिर्फ एक-दो चिजे खरीदनेकी बची थी. वह चिजे खरीद ली की फिर घरही वापस जाना…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 11

क्लास चल रहा था. क्लासमें जॉन और उसके दो दोस्त पास-पास बैठे थे. जॉनका खयाल बिलकुल क्लासमें नही था. वह बेचैन लग रहा था और अस्वस्थतासे क्लास खतम होने की राह देख रहा था. उसने एकबार पुरे क्लासपर…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 9

पोलिस स्टेशनमें डिटेक्टीव सॅम डिटेक्टीव बेकरके सामने बैठा हूवा था. डिटेक्टीव बेकर इस पुलिस स्टेशनका इंचार्ज था. डिटेक्टीव्ह बेकरका फोन आनेके पश्चात गोल्फका अगला गेम खेलनेकी सॅमकी इच्छाही खत्म हो चूकी थी. अपना सामान इकठ्ठा कर वह ताबडतोड…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 8

डिटेक्टीव सॅम गोल्फ खेल रहा था. रोजमर्राके तनाव से मुक्तीके लिए यह एक अच्छा खासा उपाय उसने ढूंडा था. उसने एक जोरका शॉट मारनेके बाद बॉल आकाशसे होकर होल की तरफ लपक गया. बॉलने दो तिन बार गिरकर…

Adbhut (Hindi Novel), अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 1

घना अंधेरा और उपरसे उसमें जोरोसे बरसती बारीश. सारा आसमंत झिंगुरोंकी ‘किर्र’ आवाजसे गुंज रहा था. एक बंगलेके बगलमें खडे एक विशालकाय वृक्षपर एक बारीशसे भिगा हूवा उल्लू बैठा हूवा था. उसकी इधर उधर दौडती नजर आखीर सामने…