अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 39

डिटेक्टीव्ह सॅम और उसके टीमकी गाडीयां तेजीसे रास्तेपर दौड रही थी. कातिलका ठिकाना तो उन्हे पता चल चूका था लेकिन अब जल्द से जल्द वहां जाकर वह रफ्फू चक्कर होनेसे पहले उसे पकडना जरुरी था. गाडीयोंकी गतिके साथ…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 37

रिचर्ड, इरिक और डिटेक्टीव्ह सॅम सामने रखे सर्कीट टिव्हीकी तरफ देख रहे थे. उस टिव्हीपर बिल्लीकी सारी हरकते दिख रही थी. रिचर्ड कुछ दिखानेके पहलेही इरिकने बिचमें घुसकर कॉम्प्यूटरपर कब्जा कर लिया. रिचर्डको उसके इस व्यवहारका गुस्सा आया…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 38

क्रिस्तोफरके मकानके बगलमें एक कॅबिन था और उस कॅबिनमें इरिक अबभी कॉम्प्यूटरके सामने बैठा हूवा था. वह कॉम्प्यूटरके किबोर्डकी बटन्स दबाकर कुछ कर रहा था. रिचर्ड उसकी तरफ देखते हूए बोला, ” बडी आश्चर्यकी बात है !” ”…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 51

डिटेक्टिव्ह सॅम वेअरहाऊसमें अबभी जमिनपर पडा हूवा था. लेकिन अब वह उस ट्रान्स स्टेटसे बाहर आ गया था. उसने झटसे कॉम्प्यूटरके मॉनिटरकी तरफ देखा. अब कॉम्प्यूटर बंद था. उसने वेअरहाउसमें इधर उधर देखा. अब बाहर सवेरा हो गया…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 49

ऍंथोनी कॉम्प्यूटरपर बैठा था और एक काली बिल्ली जिसके गलेमें काला बेल्ट पहना था वह उसके इर्दगिर्द खेल रही थी. जिस टेबलपर कॉम्प्यूटर रखा था उस टेबलपर वायरके टूकडे, बिल्लीके गलेमे पहननेके बेल्टस, और कुछ इलेक्ट्रनिक्सके छोटे छोटे…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 48

क्रिस्तोफर, रोनॉल्ड, पॉल, स्टिव्हन और ऍंथोनी टेबलके इर्दगिर्द बैठकर व्हिस्कीके जामपर जाम खाली कर रहे थे. क्रिस्तोफर और उसके तिन दोस्त पिकर टून होगए थे. ऍंथोनी अपनी हदमें रहकरही पी रहा था. ” फिर ऍंथोनी … इतनी रात…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 46

क्रिस्तोफर और उसके तिन दोस्त अबभी पागलोंकी तरह नॅन्सी और जॉनको ढूंढ रहे थे. आखिर ढूंढ ढूंढकर थकनेके बाद फिरसे जिस चौराहेसे उन्होने उन्हे ढूंढनेकी शुरवात की थी उस चौराहेपर क्रिस्तोफर और स्टिव्हन वापस आ गए. उनके पिछे…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 45

वेअरहाऊमे निचे मॉनिटरके सामने अचेतन अवस्थामें पडे सॅमके सामनेसे मानो एक एक प्रसंग फ्लॅशबॅककी तरह जाने लगा …. …. नॅन्सी और जॉन रास्तेके किनारे पडे एक ड्रेनेज पाईपमें छिपे हुए थे. इतनेमे अचानक उन्हे उनकीतरफ आता हूवा किसीके…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 53 (समाप्त)

अब थोडीही देरमें ऍंथोनीको डेथ चेंबरमें इलेक्ट्रीककी चेअरपर बिठाकर देहांतकी सजा दी जानी थी. डिटेक्टीव सॅम, सजा देनेवाला अधिकारी, एक डॉक्टर और एक-दो ऑफिसर्स डेथ चेंबरके सामने खडे थे.. इतनेमें दो पुलिस अधिकारी हथकडीयां पहने स्थितीमें ऍंथोनीको वहा…

अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 32

सॅम और उसका पार्टनर जिस पुलीस अधिकारीने जॉन कार्टरके मौतकी केस हॅंडल की थी उस अधिकारी, डिटेक्टीव टेम्पलटन के सामने बैठे थे. डिटेक्टीव टेम्पलटन जॉन कार्टरके बारेमें जानकारी देने लगा, ” मदिराके अतिसेवनकी वजहसे उसे ब्रॉंकायटीस होकर वह…