अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 36

क्रिस्तोफरके मकानके बगलमें एक गेस्टरुम थी. उस रुममे दो पुलीस रिचर्ड और इरिक उनके सामने रखे सर्किट टिव्हीपर क्रिस्तोफरके बेडरुमकी निगरानी कर रहे थे.

” आखिर लाख कोशिशोंके बावजुद हमें कुत्ते और बिल्लीयोंकी हरकतोपर ध्यान रखनेकी नौबत आगई ” इरिकने व्यंगात्मक ढंगसे कहा.

” तिन दिनसे हम यही काम कर रहे है … बस … अब बहुत होगया… इस तरह एक जगहपर बैठकर वही बेडरुम लगातार देखते रहना ” इरिकने चिढकर कहा.

” और एक बात ध्यानसे सुनो मैने पुलिस फोर्स किसी रेपीस्ट या कातिलकी रक्षा करनेके लिए नही जॉईन की ” इरिक अभीभी बडबड कर रहा था.

थोडी देर इरिक शांत रहा और फिरसे उसकी बडबड शुरु होगइ.

” साहबकी यह कुत्तो बिल्लीयोंकी थेअरी तो ठिक लगती है … लेकिन एक बात समझमें नही आती ? ” इरिकने कहा.

इरिकने रिचर्डकी तरफ वह ” कौनसी ?” ऐसा पुछेगा इस आस से देखा. लेकिन वह अपने काममें व्यस्त था. वह कुछ नही बोला.

” कौनसी बात? पुछोतो ?” इरिकने रिचर्डके कंधेपर हाथ रखकर उसे हिलाते हूए पुछा.

उसने उसकी तरफ सिर्फ एक दृष्टीक्षेप डाला और फिर वह अपने काममें मग्न हो गया.

” की कातिल कौन होगा ?… अगर जॉन कहे तो वह मर गया है … और जॉर्ज कहो तो वह जेलमें बंद है … फिर कातिल कौन होगा ?” इरिककी सिर्फ बडबड चल रही थी.

रिचर्ड कुछभी प्रतिक्रिया ना व्यक्त करते हूए सिर्फ उसकी बडबड सुन रहा था. रिचर्ड इतना बोलनेके बादभी ना कुछ बोल रहा है और ना कुछ प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहा है यह देखकर इरिक औरही चिढ गया.

” अरे क्या तुम घरपरभी ऐसेही गुमसुम रहते हो ?” उसने रिचर्डसे पुछा.

रिचर्डने सिर्फ उसकी तरफ देखा. .

” तूम अगर घरपरभी ऐसेही रहते हो … तो मुझे इस बातका बडा ताज्जुब होता है की तुम्हे बच्चे कैसे होते है ?” इरिक अब उसे चिढानेके और छेडनेके मुडमें था. इरिकको लग रहा था की वह कमसे कम ऐसे तो बोलेगा. और उसका अंदाजा सही निकला.

रिचर्डने उसकी तरफ मुडकर प्रतिप्रश्न किया, ” बच्चे होनेके लिए क्या बोलनेकी जरुरत होती है ? ”

” येभी सही है… तुम्हारे पडोसी चुपचाप तुम्हारे घर जाकर अपना काम कर लेते होंगे … वे बोलेंगे थोडेही. .. नही? ” इरिक उसे औरही छेडनेके अंदामें उसकी खिल्ली उडाते हूए बोला.

रिचर्ड गुस्सेसे वायरलेस फोन उठाकर उसे मारनेके लिए दौडा. इरिक उठ गया और ठहाके लगाते हूए उससे बचनेके लिए इधर उधर दौडने लगा.

अचानक कन्ट्रोल बोर्डपर ‘बीप’ बजी.

” ए देखोतो … कुछ हो रहा है ” रिचर्डने कहा.

एक मॉनिटरपर कुछ हरकत दिखाई दी. एक काली बिल्ली चलते हूए दिखाई देने लगी.

” देखो फिरसे बिल्ली ” इरिकने कहा.

” देख उसके गलेमें पट्टाभी बंधा हूवा है ” रिचर्डने कहा.

” मतलब .. जैसे हमारे साहब कहते है वैसे उस पट्टेमें रिसीवर है शायद …” ईरिकने कहा.

” और वह रिसीव्हर डिटेक्ट हुवा है शायद … उसकीही तो बीप बजी है … ” रिचर्डने कहा.

इरिकने वायरलेस उठाया और वह वायरलेपर बोलने लगा.

” सर … गलेमें पट्टा पहनी हूई बिल्ली घरमें आई है ” इरिकने उसके बॉसको जानकारी दी.

” गुड …. अब वह सिग्नल्स कहासे आ रहे है यह ट्रेस करनेकी कोशीश करो ” सॅमने उधरसे उन्हे निर्देश दिया.

उतनेमें उन्होने घरमें सिग्नल ट्रेसरकी जो यंत्रणा बिठाईथी उसनेभी कॉम्प्यूटरपर सिग्नल ट्रेस होनेका संकेत दर्शाया.

” सर सिग्नलका स्त्रोतभी मिल चूका है ” ईरिकने कॉम्प्यूटरकी तरफ देखते हूए तुरंत सॅमको जानकारी दी.

” ग्रेट जॉब… मै निकलाही हूं… लगभग पांच मिनटमें पहूंच जाऊंगा. ” सॅमने कहा और उधरसे फोन कट होगया.

क्रमश:…

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