अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 38

क्रिस्तोफरके मकानके बगलमें एक कॅबिन था और उस कॅबिनमें इरिक अबभी कॉम्प्यूटरके सामने बैठा हूवा था. वह कॉम्प्यूटरके किबोर्डकी बटन्स दबाकर कुछ कर रहा था.

रिचर्ड उसकी तरफ देखते हूए बोला, ” बडी आश्चर्यकी बात है !”

” कौनसी ?” इरिकने पुछा.

” की … साहब गये फिरभी तुम कॉम्प्यूटरपर बैठकर सिरीयसली काम कर रहे हो” रिचर्डने ताना मारते हूए कहा.

” अरे नही … मै यह सब बिगाडा कैसे जा सकता है यह देख रहा हूं … ताकी यहांसे मै छूट तो जाऊं ” इरिकने कहा.

रिचर्डने कीबोर्ड उससे छिन लिया.

” अरे नही … मै सिर्फ मजाक कर रहा था. ” इरिकने खुलासा करते हूए कहा.

अचानाक कन्ट्रोल बोर्डपर फिरसे ‘बिप’ ‘बिप’ ऐसा आवाज आने लगा. दोनोंनेभी पहले कंट्रोल बोर्डकी तरफ और फिर टिव्ही स्क्रिनपर देखा. बिल्ली बेडरुमके पास पहूंची हूई टिव्ही स्क्रिनपर दिख रही थी.

” मुझे लगता है बिल्ली सिग्नल ब्लाकींग एरियामें आ गई है ” रिचर्ड मानो खुदसेही बोला.

अब ‘बिप’ ‘बिप’ आवाज और जोरसे आने लगा.

” देख… देख … बिल्ली सिग्नल ब्लाकींग एरियामें पहूंच गई है ” रिचर्डने झटसे वायरलेस उठाया और कन्ट्रोल पॅनलपर एक ब्लींक होरहे लाईटकी तरफ इशारा करते हूए कहा.

रिचर्ड खुशीके मारे उत्तेजीत होकर वायरलेसपर बोलनेही वाला था जब इरिकने चपलतासे वायरलेस रिचर्डके हाथसे छिन लिया. रिचर्ड गुस्सेसे इरिककी तरफ देख रहा था.

” सर … बिल्ली अब सिग्नल ब्लॉकींगके एरियामें पहूंच गई है ” इरिकने सॅमको इन्फॉर्म किया.

” अच्छा… अब उसपर अच्छी तरहसे नजर रखो. ” उधरसे सॅमका आवाज आया.

” यस सर…” इरिकने कहा.

” मै इधर कातिलके पिछे लगा हूं और ध्यान रहे की उधरकी पुरी जिम्मेदारी तुम्हारी है ” सॅमने उसे ताकीद दी.

” यस सर..” इरिकने कहा.

और उधरसे सॅमने फोन कट कर दिया.

” सिग्नल ब्लॉकरने सब सिग्नल ब्लॉक किये है और अब उस कातिलका एकभी आदेश उस बिल्लीतक पहूंचेगा नही. ” रिचर्ड मॉनिटर और टिव्हीकी तरफ देखते हूए फिरसे उत्तेजीत होकर बोला.

टिव्ही मॉनिटरपर अब वह बिल्ली भ्रमित हूई दिख रही थी. वह कभी आगे जा रही थी तो कभी पिछे. शायद उसे कहां जाना है कुछ समझमें नही आ रहा हो.

अचानक उनके सामने रखे सर्कीट टिव्हीपर दिखाई दिया की उस बिल्लीका किसी बॉंबकी तरह एक बडा विस्फोट होकर बडा धमाका हूवा है. इतना बडा की उनकी कॅबिनभी काफी दूर होते हूए भी थर्रा उठी.

कॅबिनमें रखा हूवा कॉम्प्यूटर और सर्कीट टिव्ही बंद हो गया.

दोनोंकोभी यह अप्रत्याशीत आघात था. उनको यह कैसे हूवा कुछ समझ नही आ रहा था. वे गडबडाकर इधर उधर दौडने लगे. .

” यह अचानक क्या हूवा ?” इरिक घबराकर बोला.

वह इतना घबराया हूवा था की उसकी सांस फुल गई थी.

” टेररिस्ट अटॅक तो नही?” इरिकने अपने सासोंपर नियंत्रण करनेकी कोशीश करते हूए कहा.

” बेवकुफकी तरह कुछभी बको मत … देखा नही … उस बिल्लीका विस्फोट हो गया है ” रिचर्डने कहा.

रिचर्ड अब वहांसे बाहर निकलनेके लिए दरवाजेकी तरफ दौडा.

” चल जल्दी … उधर क्या हूवा है यह हमें देखना पडेगा” दौडते हूए इरिकने कहा.

वे दोनो जब क्रिस्तोफरके बेडरुममें पहूंच गए. उन्होने देखा की विस्फोटकी वजहसे बेडरुम बेडरुम नही रहा था. वहां सिर्फ ईंट. पत्थर, सिमेंट का ढेर बना हूवा था और टूटा हूवा सामान इधर उधर फैला हूवा था. उस ढेरमें उन्हे क्रिस्तोफरके शरीरका कुछ हिस्सा दिखाई दिया. रिचर्ड और इरिक तुरंत वहां पहूंच गए. उन्होने क्रिस्तोफरकी बॉडीसे सामान हटाकर उसे ढेरसे बाहर निकाला. रिचर्डने उसकी नब्ज टटोली. लेकिन नब्ज बंद थी. उसकी जान शायद जब विस्फोट हूवा तबही गई होगी.

अब रिचर्ड और इरिक बेडरुमसे घरके बाकी हिस्सोंकी तरफ रवाना होगए. जहां जहां उनके साथी तैनात थे, उनको वे ढूंढने लगे. कुछ लोग जख्मसे कराह रहे थे, वहां वे उनके मदद के लिए दौड पडे.

इतने गडबडमें इरिकने अपने जेबसे मोबाईल निकाला और एक नंबर डायल किया.

क्रमश:…

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