अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 37

रिचर्ड, इरिक और डिटेक्टीव्ह सॅम सामने रखे सर्कीट टिव्हीकी तरफ देख रहे थे. उस टिव्हीपर बिल्लीकी सारी हरकते दिख रही थी.

रिचर्ड कुछ दिखानेके पहलेही इरिकने बिचमें घुसकर कॉम्प्यूटरपर कब्जा कर लिया. रिचर्डको उसके इस व्यवहारका गुस्सा आया था. लेकिन करे तो क्या करे. चेहरेपर कुछभी भाव ना लाते हूए वह सिर्फ उसकी तरफ देखता रहा.

कॉम्प्यूटरके मॉनीटरपर अब शहरका नक्शा दिखने लगा. उस नक्शेमें एक जगह एक लाल स्पॉट लगातार चमक रहा था.

इरिक उस स्पॉटकी तरफ निर्देश करते हूए बोला, ” उस बिल्लीको सब सिंग्नल्स और निर्देश ये यहांसे आ रहे है “”

” जहांसे सिग्नल आ रहे है वह जगह यहांसे कितनी दुर होगी ” सॅमने पुछा.

इरिकने कॉम्प्यूटरपर इधर उधर क्लिक कर पता करनेकी कोशीश की. लेकिन तबतक रिचर्डकेपास जवाब तैयार था.

उसने कहा, ” सर, वह जगह अपने यहांसे पुरबकी तरफ लगभग पांच किलोमिटर होगी ”

” हां .. हो सकता है एक मिटर इधर या एक मिटर उधर ” बिचमेंही इरिकने जोड दिया.

रिचर्डने फिरसे इरिककी तरफ गुस्सेसे देखा. उसे उसका इस तरह आगे आगे करना अच्छा नही लगा था. .

डिटेक्टीव्ह सॅम क्रिस्तोफरके मकानके सामने खडा होकर वायरलेसपर अपने पुरी टीमको आदेश और निर्देश दे रहा था,

” मुझे लगता है सबको अपनी अपनी पोजीशन्स अच्छी तरह समझमें आयी है. अपने पास अब सिर्फ यही एक मौका है. अब किसीभी हालमें कातिल अपने शिकंजेसे बचकर निकलना नही चाहिए. … तो जिस जिसको जिस जिस जगहपर तैनात किया गया है वे अपनी जगह मत छोडीए. और बिना वजह अंदर बाहर करनेकीभी जरुरत नही है. इसलिएही मैने अंदरकी और बाहरकी जिम्मेवारी अलग अलग सौप दी है… और बाकी बचे हूए तुरंत यहा मकानके सामने जिपके पास इकठ्ठा हो जावो….”

लगभग पंधरा बिस टीम मेंबर्स जिपके पास जमा हो गए. वहांसे निकलनेसे पहले सॅमने उनको संक्षेपमें ब्रिफ किया.

” जहांसे कातिल ऑपरेट कर रहा है वह जगह हमें मिल चूकी है. इसलिए मैने अपने टीमको दो हिस्सोमें बांट दिया है … सात लोग पहलेही यहां क्रिस्तोफरका रक्षण करनेके लिए तैनात किए गये है … और बाकी बचे अठारा.. मतलब आप और मै … हमे ऑपरेशनका दुसरा हिस्सा यानीकी कातिलको पकडनेका काम करना है… ”

सॅम अब जल्दी जल्दी आपने गाडीकी तरफ जाने लगा. गाडीकी तरफ जाते जाते उसने सबको आदेश दिया, ” अब जल्दसे जल्द अपने अपने गाडीमें बैठो … हमारे पहूंचनेतक वह कातिल वहांसे खिसकना नही चाहिए. ”

सब लोग जल्दी जल्दी अपने अपने गाडीमें बैठ गए. औए सब गाडीयां धुव्वा उडाती हूई वहांसे तेजीसे निकल पडी – खुनी जहांसे ऑपरेट कर रहा था वहां. सब गाडीयां जब वहांसे चली गई तब कहां उडी हूई धूल का बादल धीरे धीरे निचे आने लगा था.

क्रमश:…

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