अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 39

डिटेक्टीव्ह सॅम और उसके टीमकी गाडीयां तेजीसे रास्तेपर दौड रही थी. कातिलका ठिकाना तो उन्हे पता चल चूका था लेकिन अब जल्द से जल्द वहां जाकर वह रफ्फू चक्कर होनेसे पहले उसे पकडना जरुरी था. गाडीयोंकी गतिके साथ सॅमका दिमागभी दौड रहा था. वह मनही मन सारी संभावनाए टटोलकर देख रहा था. और हर स्थितीमें अपनी क्या स्ट्रॅटेजी रहेगी यह तय कर रहा था. उतनेमें उसके मोबाईलकी बेल बजी. उसके विचारोंकी श्रूंखला टूट गई.

उसने मोबाईलके डिस्प्लेकी तरफ देखा. और झटसे फोन अटेंड किया, ” हां बोलो”

” सर यहां एक सिरियस प्रॉब्लेम हो गया है ” उधरसे इरिकका आवाज आया.

‘सिरीयस प्रॉब्लेम हो गया’ यह सुना और सॅम निराश होने लगा. उसके दिमागमें तरह तरहके विचार आने लगे.

” क्या ? … क्या हूवा ?” सॅमने उत्तेजित होकर उत्कंठावश पुछा.

वह अपनी निराशाको अपने उपर हावी होने देना नही चाहता था.

” सर उस बिल्लीका यहां किसी बॉंबकी तरह विस्फोट हुवा है ” इरिकने जानकारी दी.

” क्या ?… विस्फोट हुवा?” सॅमके मुंहसे आश्चर्यसे निकला.

उसपर एक एक आघात हो रहे थे.

” लेकिन कैसे ?” सॅमने आगे पुछा.

” सर उस बिल्लीके गलेमें पहने पट्टेमें प्लास्टीक एक्प्लोजीव लगाया होगा… मुझे लगता है की सिग्नल ब्लॉक होतेही उसका विस्फोट हो जाए इस तरह उसे प्रोग्रॅम किया होगा, ताकी कातिलका शिकार किसीभी हालमें उसके शिकंजेसे ना छूटे. ” इरिकने अपनी राय बयान की.

” क्रिस्तोफर कैसा है ?… उसे कुछ हूवा तो नही ?” बॉंब विस्फोट और शिकारका जिक्र होतेही अगला विचार सॅमके दिमागमें क्रिस्तोफरकाही आया.

इतना करनेके बादभी हम उसे बचा सके या नही यह जाननेकी जल्दी सॅमको हूई थी.

” नही सर वह उस विस्फोटमेंही मर गया ” उधरसे इरिकने कहा.

” शिट …” सॅमके मुंहसे गुस्सेसे निकल गया, ” और अपने लोग ?… वे कैसे है ?” सॅमने आगे पुछा.

वह गया तो गया… कमसे कम अपने लोगोंको कुछ होना नही चाहिए…

उसे अंदर ही अंदर लग रहा था. वैसेभी एक आम आदमीके हैसीयतसे उसे उसके बारेंमे कुछ हमदर्दी नही थी. एक पुलिस ऑफिसरके हैसीयतसे, एक कर्तव्य की तौर पर उसे बचानेकी उसने जी तोड कोशीश की थी.

” दो लोग जख्मी हो गए है, हम लोग उन्हे हॉस्पीटलमें ले जा रहे है …” इरिकने जानकारी दी.

” कोई सिरीयस तौर पर जख्मीतो नही ” सॅमने फिरसे तसल्ली करनेके लिए पुछा.

” नही सर… जख्म वैसे मामुलीही है ” उधरसे आवाज आया.

” सुनो, उधरकी पुरी जिम्मेदारी मै तुम्हारे उपर सौपता हूं … हम लोग इधर जहांसे सिग्नल आ रहे थे उसके आसपासही है … थोडीही देरमें हम वहां पहूंच जायेंगे … उधरका तुम और रिचर्ड दोनो मिलकर अच्छी तरहसे संभाल लो”

” यस सर…”

” अपने लोगोंका खयाल रखना ” सॅमने कहा और उसने फोन कट किया.

” चलो जल्दी … हमें जल्दी करनी चाहिए … उधर क्रिस्तोफरको तो हम बचा नही पाये … कमसे कम इधर इस कातिलको पकडनेमें कामयाब होना चाहिए… ” सॅमने ड्रायव्हरको तेजीसे चलनेका इशारा करते हूए कहा.

क्रमश:…

You May Also Like

About the Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *