अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 40

जहांसे सिग्नल आ रहे थे उस जगहके आसपास सॅम और उसकी टीम आकर पहूंच गई. वह एक वेअरहाऊस था. और वेअरहाऊसके सामने और आसपास काफी खुला मैदान था.

” कॉम्प्यूटरपर तो यही जगह दिखाई दे रही थी … मतलब यहीं वेअरहाऊसमेही कातिल छूपा हूवा होना चाहिए.” सॅम अपने पासके नक्शेपर और वेअर हाऊसके आसपासका इलाका देखकर बोला.

ड्रायव्हरने सॅमकी तरफ उसके अगले आदेशके इंतजारमें देखा.

” गाडी वेअरहाऊसके कंपाऊंडमें लो ” सॅमने ड्रायव्हरको आदेश दिया.

” यस सर ” ड्रायव्हरने कहा और उसने गाडी वेअर हाऊसके खाली मैदानमें घुसाई.

उनके पिछे आनेवाली गाडीयांभी उनके पिछे पिछे उस खाली मैदानमें घुस गई.

सॅमके गाडीके पिछे सब गाडीयां वेअरहाऊसके सामने रुक गई. गाडी रोकनेके बाद सॅमने अपने वायरलेसपर कब्जा किया.

” ट्रूप2, ट्रूप3 तुरंत वेअरहाऊसको चारों तरफसे घेर लो ” गाडीसे उतरते वक्त सॅम वायरलेसपर आदेश देने लगा.

उसके साथीभी जल्दी जल्दी गाडीसे उतरने लगे.

” ट्रूप2 वेअरहाऊसके दाई तरफसे और ट्रूप3 बाई तरफसे वेअर हाऊसको घेर लो.” उनकी गडबडी ना हो इसलिए सॅमने अपने आदेशका खुलासा किया.

गाडीसे उतरनेके बाद ट्रूप2ने वेअरहाउसके दायी तरफसे तो ट्रूप3ने बायी तरफसे वेअर हाऊसको पुरी तरह घेर लिया. कातिल अगर वेअर हाऊसमें छुपा होगा और उसे भागकर जाना हो तो उसे इन्होने बनाई यह दिवार भेदकर जाना पडेगा. और वह लगभग नामुमकीन था.

अपने दोनो ट्रूपने अच्छी और पुरी तरहसे वेअर हाउसको घेरनेकी तसल्ली होनेके बाद सॅम अपने साथवाले ट्रूपके साथ, वेअरहाऊसके दरवाजेके पास लगभग दौडते हूए ही गया.

” ट्रूप1 अब वेअरहाऊसमें घुसनेवाला है … सबलोग तैयार रहो… अंदर कितने लोग होगे इसका अभीतक कोई अनुमान नही लगाया जा सकता है …” सॅमने फिरसे एकबार सबको सतर्क रहनेकी ताकीद दी.

वेअरहाऊसमें एक जगह कॉम्प्यूटर का मॉनिटर चमक रहा था वह जगह छोडकर बाकी सब तरफ अंधेरा था. उस कॉम्प्यूटरके सामने एक उधर मुंह किए एक साया खडा था और उसकी अपना सामान बॅगमे भरनेकी गडबड चल रही थी. सब कत्लतो हो चूके थे. अब उसकी भाग जाने की तैयारी दिख रही थी. अचानक सामान भरते हूए वह रुक गया. उसे वेअरहाऊसके बाहर या अंदर कोई हरकत महसूस हूई होगी. वह वैसेही उधर मुंह कर खडा होकर गौरसे सुननेकी कोशीश करने लगा.

सब काम तो अब ठिक ढंगसे हो चूके है… और अब मुझे क्यूं अलग अलग भ्रम हो रहे है…

अबतक कोई मुझे कोई पकड नही पाया जो अब पकड पाएगा… .

वैसे मेरी प्लॅनीग कोई कम फुलप्रुफ नही थी…

उसने अपने दिमागमें चल रही विचारोंकी कश्मकश झटककर दूर की और फिरसे अपने काममें व्यस्त होगया.

अचानक उसे पिछेसे आवाज आया, ” हॅन्डस अप.. यू आर अंडर अरेस्ट”

उसने चतूरतासे अपने बॅगसे कुछ, शायद कोई हथीयार निकालनेकि कोशीश की.

लेकिन उससे जादा चतूराईसे और तेजीसे डिटेक्टीव्ह सॅमने उसके आसपास बंदूककी गोलीयोंकी बरसात कर मानो एक लक्ष्मणरेखा बनाई.

” जादा होशीयारी करनेका प्रयास मत करो… ” सॅमने उसे ताकीद दी.

उसके हाथसे वह जो भर रहा था वह बॅग निचे गिर गई और उसने अपने दोनो हाथ उपर किये. धीरे धीरे वह सॅमकी तरफ मुडने लगा.

वह जैसेही मुडने लगा. सॅम मनही मन अनुमान लगाने लगा.

वह कौन होगा ?…

और यह सारे कत्ल उसने क्यों किये होंगे?…

जैसेही वह पुरी तरह सॅमकी तरफ मुडा, वहां मॉनिटरके रोशनीमें उसका चेहरा दिखने लगा.

डिटेक्टीव्ह सॅमके चेहरेपर आश्चर्यके भाव दिखने लगे.

वह दूसरा तिसरा कोई ना होकर ऍन्थोनी था, जॉन और नॅन्सीका दोस्त, क्लासमेट !

उसे याद आयाकी उसने नॅन्सी और जॉनके क्लासके गृप फोटोमें इसे देखा था.

डिटेक्टीव्ह सॅमको एक सवालका जवाब मिल गया था. लेकिन उसका दुसरा सवाल ‘ यह सारे खुन उसने क्यों किए होंगे?” का जवाब अबभी बाकी था.

डिटेक्टीव्ह सॅम और उसके साथी धीरे धीरे आगे खिसकने लगे. सॅमने वायरलेसपर कातिलको पकडनेकी खबर सारे टीमको दी. उन्होने ऍंन्थोनीको चारो तरफसे घेर लिया.


क्रमश:…

You May Also Like

About the Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *