अद्भुत ( हिन्दी उपन्यास) – चेप्टर 44

संभ्रमकी स्थितीमें डिटेक्टिव सॅमने धीरे धीरे वेअरहाऊसमें प्रवेश किया. अंदर जानेके बाद वह इधर उधर देखते हूए उस बिल्लीको ढूंढने लगा. पहलेही अंधेरा और उपरसे वह बिल्ली काले रंग की. ढूंढना मुश्कील था. उसने वेअरहाऊसमें सब तरफ अपनी ढूंढती हूई नजर दौडाई. अब सुबह होनेको आई थी. इसलिए वेअरहाऊसमें थोडा थोडा उजाला हो गया था. एक जगह उसे धूलसे सनी हूई एक फाईल्स की गठरी दिखाई दी. वह उस फाइल्सके गठरीके पास गया. वह गठरी थोडी उंचाई पर रखी हूई थी. सॅमकी उत्सुकता बढ गई थी.

क्या होगा उस फाईल्समें..

जरुर केसके बारेमें और कुछ महत्वपुर्ण मुझे उस फाईल्समें मिल सकता है …

वह अपने पैरके पंजे उंचे कर उस फाईल्सके गठरीतक पहूंचनेका प्रयास करने लगा. फिरभी वह वहांतक पहूंच नही पा रहा था. इसलिए वह उछलकर उस गठरीतक पहूंचनेका प्रयास करने लगा. उस गठरीतक पहूंचनेके प्रयासमें उसका धक्का लगकर उपरसे कुछतो निचे गिर गया. कांच फुटने जैसी आवाज हूई. उसने निचे झुककर देखा तो कांचके टूकडे सब तरफ फैले हूए थे. और निचे एक फोटोकी फ्रेम उलटी पडी हूई थी. उसने वह उठाई और सिधी करके देखी. वह एक ग्रुप फोटो था लेकिन वहां रोशनी काफी नही होनेसे ठिकसे दिखाई नही दे रहा था. वह फोटो लेकर वह कॉम्प्यूटरके पास गया. काम्प्यूटरका मानिटर अबभी शुरु था और चमक रहा था. इसलिए उस रोशनीमें वह फोटो ठिकसे देखना मुमकिन था. मॉनिटरके रोशनीमें उसने वह ग्रुप फोटो देखा और वह आश्चर्यसे हक्का बक्कासा रह गया. वह खुले मुंहसे आश्चर्यसे उस फोटोकी तरफ देख रहा था.

वह उस हादसेसे संभलता नही की उसके सामने कॉम्प्यूटरका मॉनिटर बंद शुरु होने लगा.

कुछ इलेक्ट्रीक प्रॉब्लेम होगा …

इसलिए वह कॉम्प्यूटरका पॉवर स्वीच और प्लग चेक करने लगा.

उसने पॉवर प्लगककी तरफ देखा और चौंकते हूए डरे हूए स्थितीमे वह पिछे हट गया. उसे आश्चर्यका दुसरा धक्का लगा था.

कॉम्प्यूटरका पॉवर केबल पॉवर बोर्डको लगा नही था और वही बगलमें निकालकर रखा हूवा था. .

फिरभी कॉम्प्यूटर शुरु कैसा ? …

कुछ तो ट्रीक होगी …

या यह पॉवर केबल दुसरा किसी चिजका होगा….

उसने वह पावर केबल उठाकर एक सिरेसे दुसरे सिरेतक टटोलकर देखा. वह कॉम्प्यूटरकाही पॉवर केबल था.

अब उसके हाथ पैर कांपने लगे.

वह जो देख रहा था वैसा उसने उसके पुरे जिंदगीमें कभी नही देखा था.

अचानक कॉम्प्यूटरका मॉनिटर बंद शुरु होनेका रुक गया. उसने मॉनिटरकी तरफ देखा. उसके चेहरेपर अबभी डर और आश्चर्य झलक रहा था.

अचानक एक बडा भयानक हवाका झोंका वेअरहाऊसमें बहने लगा. इतना बडा झोंका बह रहा था और इधर सॅम पसिनेसे लथपथ हो गया था.

और अब अचानक मॉनिटरपर तरह तरह के विचित्र और भयानक साये दिखने लगे.

डिटेक्टीवको कुछ समझ नही आ रहा था की क्या हो रहा है. जोभी कुछ हो रहा था वह उसके समझ और पहूंच के बाहर था. आखिर एक खुबसुरत जवान स्त्री का साया मॉनिटरपर दिखने लगा. वह साया भलेही सुंदर और मोहक था फिरभी सॅमके बदनमें एक डरकी सिरहन दौड गई. वह मोहक साया अब एक भयानक और डरावने सायेमे परिवर्तीत हुवा. फिरसे एक हवा का बडा झोंका तेजीसे अंदर आया. इसबार उस झोंकेका जोर और बहाव बहुत तेज था. इतना की सॅम उस झोंकेकी मार सहन नही कर पाया और निचे गिर गया. वैसेभी उसके हाथ पैर पहलेही कमजोर पड चूके थे. उस झोंकेके मारका प्रतिकार करनेकी शक्ती उसमें बाकी नही थी. निचे पडे हूए स्थितीमें उसे अहसास हूवा की धीरे धीरे वह होश खोने लगा है. लेकिन होश पुरी तरह खोनेसे पहले उसने मॉनिटरवरपर दिख रहे उस स्त्रीकी आंखोमें दो बडे बडे आंसू बहकर निचे आते हूए देखे.


क्रमश:…

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